देश को एक खतरनाक कानून से बचाएं: एक अलोकतांत्रिक, साम्प्रदायिक व
देश के बहुसंख्यक समाज के ऊपर दमनकारी कानून - 2011(‘Prevention of
Communal and Targeted Violence (Access to Justice and Reparations)
Bill,2011’) को जानें तथा एक व्यापक जन जागरण कर इसे संसद में पारित होने से रोकें-
देश के बहुसंख्यक समाज के ऊपर दमनकारी कानून - 2011(‘Prevention of
Communal and Targeted Violence (Access to Justice and Reparations)
Bill,2011’) को जानें तथा एक व्यापक जन जागरण कर इसे संसद में पारित होने से रोकें-
- इसमें माना है कि बहुसंख्यक समुदाय के सदस्य ही पैदा करते है।अल्पसंख्यक समुदाय का कोई व्यक्ति इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।
- बहुसंख्यक समुदाय के सदस्यों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के खिलाफ किए गए सांप्रदायिक अपराध तो दंडनीय है, किंतु अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा बहुसंख्यकों के खिलाफ किए गए सांप्रदायिक अपराध दंडनीय नहीं है
- यदि किसी व्यक्ति के ऊपर घृणा संबंधी प्रचार का आरोप लगता है तो उसे तब तक एक पूर्वधारणा के अनुसार दोषी माना जाएगा जब तक वह निर्दोष नहीं सिद्ध हो जाता।
- शिकायतकर्ता पीडि़त का नाम और पहचान गुप्त रखी जाएगी। केस की प्रगति की रपट पुलिस शिकायतकर्ता को ही बताएगी।
- हिन्दू महिला के साथ किए गए बलात्कार को अपराध नहीं मानता जबकि साम्प्रदायिक दंगों में हिन्दू महिला का शील ही विधर्मियों के निशाने पर रहता है।
- अल्पसंख्यक वर्ग के किसी व्यक्ति के अपराधिक कृत्य का शाब्दिक विरोध भी इस विधेयक के अन्तर्गत अपराध माना जायेगा। यानि , बांग्लादेशी घुसपैठियों के निष्कासन की मांग करना, धर्मान्तरण पर रोक लगाने की मांग करना भी अपराध बन जायेगा।
- यदि प्रस्तावित बिल कानून बन जाता है तो केंद्र सरकार राज्य सरकारों के अधिकारों को हड़प लेगी। विधेयक अगर पास हो जाता है तो हिन्दुओं का भारत में जीना दूभर हो जायेगा।
- देश द्रोही और हिन्दू द्रोही तत्व खुलकर भारत और हिन्दू समाज को समाप्त करने का षडयन्त्र करते रहेंगे; परन्तु हिन्दू संगठन इनको रोकना तो दूर इनके विरुध्द आवाज भी नहीं उठा पायेंगे।
- हिन्दू
- जब अपने आप को कहीं से भी संरक्षित नहीं पायेगा तो धर्मान्तरण का कुचक्र तेजी से प्रारम्भ हो जायेगा।
- इससे भी भयंकर स्थिति तब होगी जब सेना,पुलिस व प्रशासन इन अपराधियों को रोकने की जगह इनको संरक्षण देंगे औरइनके हाथ की कठपुतली बन देशभक्त हिन्दू संगठनों के विरुध्द कार्यवाही करने के लिए मजबूर हो जायेंगे।
is prakar ye prastavik vidheyak ki kewal jhalak matra hai. mul vidheyak me 8 adhyay or lagbhag 138 dharaye hai. adhiniyam ki pratyek dhara mugalo or britisho k kale kanun hi hai,,,, jise ye sarkar bharat per thop kar bharat k tukde tukde karne ka marg ek bar phir prashast kar rahi hai.
ye bharat ka baccha baccha janta hai ki 1947 ko mili vibhajan ki bhishan vibhishika ka karan kya tha. isi prakar alp-sankhyako k vishesh-adhikaro k naam per shuru huaa naatak aakhir me BHARAT VIBHAJAN ka karan bana.
Alp-sankhyako ko khush rakhne k chakkar me aaj ek bar phir congres naam ki is rakshasi manovrati ne vote bank ko banaye rakhne k liye BHARAT KI AKHANDTA ko daav per laga diya haiiiiiiiiii
Pure desh me sanghatit swar me is prastavik vidheyak ka jabardust virodh kar ise sansad me PASS HONA TO DUR PESH HONE SE BHI ROKNA HOGA. Bharat ki aakhandta ko bachaye or banaye rakhne k liye ye avashak hi nahi aniwarya ho gaya haiiiiiiii........
.........jogo or jagao................padho or padhao...............yaaro desh bachaoooooooo....