दसों दिशाओं में जाएं दल बादल से छा जाएं
अनुभूति
जनजाति क्षेत्रो में विद्या भारती चित्तोड़ प्रान्त की योजना से चलने वाले एकल विद्यालयों/संस्कार केंद्रों का अवलोकन करने के लिए दिनांक 4-5अक्टूबर को जाना हुआ।
डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र में पियोला गांव एक रात्रि बिताने के बाद हृदय का विश्वास दृढ़ हुआ है कि जहाँ एक ऒर विधर्मी अलगाववादी समाजकंटक हमारे भोले-भाले जनजाति समाज को बरगला कर अलगाव का अंधकार सर्वत्र फैलाने की चेष्ठा कर रहे है वही मा भारती के इन सच्चे उपासको द्वारा सैंकड़ो गांवों में संचालित यह सरस्वती शिक्षा केन्द्र नंदा दीप बनकर जल रहे हैं....
एक दिन में ही प्राप्त हुई अपने वनवासी बंधुओ की इतनी आत्मीयता,प्रेम,सत्कार ने हृदय हो आह्लादित कर दिया है...
स्वयं अभावों में रहकर भी अतिथि देवो भवः के मंत्र को अक्षरशः अनुभव किया है..
अंततः जब शिक्षा केंद्र की योजना से ही सैंकड़ो भील बंधुओ के बलिदान तीर्थ मानगढ़ पहुंचा..तो गुरु की स्थापित धूणी और मानगढ़ पर स्वतंत्रता की बलिवेदी पर आहूत हुए भील शहीदों की आत्माएं ...जैसे अपने सद्कार्यों की सफलता का आशीर्वाद देती अनुभव हुई..
वहीं गुरु द्वारा स्थापित सम्प सभा के उद्देश्य पढ़कर तो लगा मानो अपने सरस्वती शिक्षा केन्द्र गोविन्द गुरु की सम्प सभा का ही पुनर्जन्म हों...
जैसे जैसे वागड़ की उस पवित्र भूमि पर समय बीतता गया....संघ की शाखा पर गाये गीत की यह पंक्तिया मूर्त रूप में दृष्टिगत होने लगी..
दसों दिशाओं में जाएं,दल-बादल से छा जाएं,
उमड़-घुमड़ कर इस धरती को नंदन वन सा सरसायें
यह मत समझो किसी क्षेत्र को खाली रह जाने देंगे,
दानवता की बेल विषैली कहीं नही छाने देंगे,
जहाँ कहीं लू झुलसाती,हम नित रिमझिम बरसायें..
दसों दिशाओं में जाएं......💐
भूपेंद्र उबाना
प्रधानचार्य
आदर्श विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय,
पुष्कर मार्ग अजमेर





जय हो
ReplyDeleteJay ho
ReplyDeleteVande matram
ReplyDeleteजय हो
ReplyDeleteGreat
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteमाँ भारती की जय
ReplyDeletevijay ho...nice...awesome...aage aage badna ha
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